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बचपन बचाओ आंदोलन’ ने जयपुर में चूड़ी कारखानों से 21 बाल मजदूरों को छुड़ाया

बिहार के रहने वाले हैं सभी, 12 से 16 साल उम्र है सभी की, पढ़ाने-लिखाने और घुमाने के बहाने जयपुर लाया गया था

Akhilesh Shukla | Wednesday, Nov 23, 2022, 04:11 PM

नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित कैलाश सत्‍यार्थी द्वारा स्‍थापित ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ के कार्यकर्ताओं ने स्‍थानीय पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के साथ मिलकर यहां भट्ठा बस्‍ती पुलिस थाना क्षेत्र से चूड़ी कारखाने में काम कर रहे 21 नाबालिग लड़कों को छापामार कार्रवाई करके मुक्‍त करवाया है। ये सभी बच्‍चे बिहार के हैं और इनसे अमानवीय परिस्थितियों में जबरन काम करवाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में पांच चूड़ी कारखाना मालिकों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो फरार हैं,  उनकी तलाश जारी है।

बिहार के रहने वाले हैं

पुलिस एफआईआर के अनुसार जिले के भट्ठा बस्‍ती क्षेत्र में यह बच्‍चे अलग-अलग चूड़ी कारखाने में काम कर रहे थे। इन बच्‍चों को कुछ माह पहले ही पढ़ाने-लिखाने और घुमाने के बहाने जयपुर लाया गया था। बाद में इन्‍हें बाल मजदूरी के दलदल में धकेल दिया गया। इनमें बिहार के गया जिले से नौ, अरवल व नालंदा से चार-चार,  दो-दो बच्‍चे नवादा और औरंगाबाद जिले के हैं। सभी बच्‍चों की उम्र 12 से 16 साल के बीच है।


बच्‍चों ने पुलिस को बताया कि कारखाना मालिक उनसे जबरन सुबह नौ बजे से रात 10 बजे तक काम करवाते थे और दिन में एक या दो बार ही खाना मिलता था। 12 साल के रमेश(काल्‍पनिक नाम) ने कहा, ‘हमें बाहर जाने की इजाजत नहीं थी। मालिक बाहर जाते समय दरवाजा बंद करके जाता था और जरा-जरा सी बात पर बुरी तरह से पिटाई की जाती थी।’ जिन कमरों में यह बच्‍चे काम कर रहे थे, वहां की स्थिति बहुत ही दयनीय थी। कमरों में पूरी तरह से दुर्गंध फैली थी और सांस लेना भी मुश्किल था। ताजा हवा व रोशनी की कोई व्‍यवस्‍था नहीं थी।